Wednesday, January 21, 2015

एडिय़ों का फटना | Tips and remedies for cracked heals

●एडिय़ों का फटना-

- अक्सर सदियों के मौसम में एडी फटने की समस्या देखी जाती है । 

- अगर पैरों की देखभाल अच्छे तरीके से न किया जाए तो पैर फट जाते हैं। नंगे पैर चलने के कारण या फिर खून की कमी से पैर फटते हैं। अगर आप पैरों की सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं तो एड़ियां फट जाती हैं और उनमें दरारे आ जाती हैं।
 
- अगर किसी के पैर फट जाते हैं तो वह बहुत गंदा लगता है। अक्सर लोगों को फटे पैरों के कारण शर्मिंदा भी होना पड़ता है। एड़ियां फटने के बाद उनकी देखभाल न की जाए तो खून निकलने लगता और बहुत दर्द होता है। आइए हम आपको फटे पैरों के लिए कुछ घरेलू उपचार (Gharelu Nuskhe) के बारे में बताते हैं।

■ फटे पैरों के लिए घरेलू उपचार:-

- मोम 20 ग्राम, सत्यानाशी के बीजों का पावडर 10 ग्राम और 20 ग्राम शुद्ध घी ले लीजिए। इन सबको मिलाकर एक जार में डाल दीजिए। सोते समय पैरों को धोकर साफ कर लें और पोंछकर यह दवा बिवाई में भर दें और मोजे पहनकर सो जाइए।

- त्रिफला चूर्ण को खाने के तेल में तलकर मलहम जैसा गाढ़ा कर लीजिए।रात में सोते वक्त इस पेस्ट को फटे पैरों पर लगा लीजिए। कुछ दिनों तक इस लेप को लगाने से फटी एड़ियां ठीक हो जाएंगी और पैर कोमल होंगे।

-रात में सोने से पहले पैरों को अच्छी तरह से साफ कर लीजिए। उसके बाद कच्चे घी में बोरिक पाउडर मिलाकर दरारों में भर दीजिए। उसके बाद मोजे पहनकर सो जाइए। ऐसा 3-4 दिन करने पर फटी हुई एड़ियां ठीक हो जाएंगी।

-गेंदे के पत्तों के रस को वैसलीन में मिलाकर लगाने से फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।

-कच्चा प्याज पीसकर एड़ियों पर बांधने से बिवाईयां ठीक हो जाती हैं।

-पैरों को गर्म पानी से धुलकर उसमे एरंड का तेल लगाने से फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।

-देशी घी और नमक को मिलाकर फटी एड़ियों पर लगाएं। ऐसा करने से फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं और पैरों की त्वचा भी कोमल रहती है।

-पपीते के छिलकों को सुखाकर और पीसकर चूर्ण बना लीजिए। इस चूर्ण में ग्लिसीरीन मिलाकर दिन में दो बार फटी हुई एड़ियों में लगाने से बहुत जल्दी फायदा होता है।
जब एड़ियों से खून निकल रहा हो तो उनको रात में गर्म पानी से धुलकर उनमें गुनगुना मोम लगाने से खून निकलना बंद हो जाता है और फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।
 
■जब एड़ियां फट गई हो तो नंगे पैर जमीन पर चलने से परहेज करना चाहिए और पानी में ज्यादा देर तक पैरों को नहीं भिगोना चाहिए। अगर इन आयुर्वेदिक औषधि को आजमाने के बाद भी फायदा न हो तो चिकित्सक से संपर्क करें ।■

एडिय़ों का फटना


- अक्सर सदियों के मौसम में एडी फटने की समस्या देखी जाती है ।
- अगर पैरों की देखभाल अच्छे तरीके से न किया जाए तो पैर फट जाते हैं। नंगे पैर चलने के कारण या फिर खून की कमी से पैर फटते हैं। अगर आप पैरों की सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं तो एड़ियां फट जाती हैं और उनमें दरारे आ जाती हैं।
- अगर किसी के पैर फट जाते हैं तो वह बहुत गंदा लगता है। अक्सर लोगों को फटे पैरों के कारण शर्मिंदा भी होना पड़ता है। एड़ियां फटने के बाद उनकी देखभाल न की जाए तो खून निकलने लगता और बहुत दर्द होता है। आइए हम आपको फटे पैरों के लिए कुछ घरेलू उपचार (Gharelu Nuskhe) के बारे में बताते हैं।

■ फटे पैरों के लिए घरेलू उपचार:-

- मोम 20 ग्राम, सत्यानाशी के बीजों का पावडर 10 ग्राम और 20 ग्राम शुद्ध घी ले लीजिए। इन सबको मिलाकर एक जार में डाल दीजिए। सोते समय पैरों को धोकर साफ कर लें और पोंछकर यह दवा बिवाई में भर दें और मोजे पहनकर सो जाइए।
- त्रिफला चूर्ण को खाने के तेल में तलकर मलहम जैसा गाढ़ा कर लीजिए।रात में सोते वक्त इस पेस्ट को फटे पैरों पर लगा लीजिए। कुछ दिनों तक इस लेप को लगाने से फटी एड़ियां ठीक हो जाएंगी और पैर कोमल होंगे।
-रात में सोने से पहले पैरों को अच्छी तरह से साफ कर लीजिए। उसके बाद कच्चे घी में बोरिक पाउडर मिलाकर दरारों में भर दीजिए। उसके बाद मोजे पहनकर सो जाइए। ऐसा 3-4 दिन करने पर फटी हुई एड़ियां ठीक हो जाएंगी।
-गेंदे के पत्तों के रस को वैसलीन में मिलाकर लगाने से फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।
-कच्चा प्याज पीसकर एड़ियों पर बांधने से बिवाईयां ठीक हो जाती हैं।
-पैरों को गर्म पानी से धुलकर उसमे एरंड का तेल लगाने से फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।
-देशी घी और नमक को मिलाकर फटी एड़ियों पर लगाएं। ऐसा करने से फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं और पैरों की त्वचा भी कोमल रहती है।
-पपीते के छिलकों को सुखाकर और पीसकर चूर्ण बना लीजिए। इस चूर्ण में ग्लिसीरीन मिलाकर दिन में दो बार फटी हुई एड़ियों में लगाने से बहुत जल्दी फायदा होता है।
जब एड़ियों से खून निकल रहा हो तो उनको रात में गर्म पानी से धुलकर उनमें गुनगुना मोम लगाने से खून निकलना बंद हो जाता है और फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।
■जब एड़ियां फट गई हो तो नंगे पैर जमीन पर चलने से परहेज करना चाहिए और पानी में ज्यादा देर तक पैरों को नहीं भिगोना चाहिए। अगर इन आयुर्वेदिक औषधि को आजमाने के बाद भी फायदा न हो तो चिकित्सक से संपर्क करें ।

लेखक: 
डॉ0 सुरेन्द्र शर्मा 
आयुर्वेद फिजीशियन 

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