Monday, September 15, 2014

अच्छे स्वास्थ्य के लिए पियें आयुर्वेदिक चाय


अच्छे स्वास्थ्य के लिए पियें आयुर्वेदिक चाय 

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स्वास्थ्य के लिए कितनी हानिकारक है चाय व कॉफ़ी ? जानिए !

करें आयुर्वेदिक चाय का इस्तेमाल इससे आप करेंगे खुद को तरोताजा महसूस व आपका तन व मन रहेगा स्वस्थ !

चाय- कॉफी में हैं दस प्रकार के जहर ---
(1) ' टेनिन 'नाम का जहर 18% होता है , जो पेट में छाले तथा गैस पैदा करता है ।
(2) ' थिन ' नामक जहर 3 % होता है , जिससे खुस्की चढ़ती है तथा यह फेफड़ों और सिर में भारीपन पैदा करता है ।
(3) ' कैफिन ' नामक जहर 2.75 % होता है , जो शरीर में एसिड बनाता है तथा किडनी को कमजोर करता है ।
(4) ' वालाटाइल ' नामक जहर आतों के ऊपर हानिकारक प्रभाव डालता है ।
(5) ' कार्बोलिक अम्ल ' से एसिडिटी बनती है ।
(6) ' पैमिन ' से पाचनशक्ति कमजोर होती है ।
(7) ' ऐरोमोलीक ' अंतड़ियों के ऊपर हानिकारक प्रभाव डालता है ।
(8) ' साइनोजन ' अनिद्रा तथा लकवा जैसी भयंकर बीमारियाँ पैदा करती है ।
(9) ' आक्सेलिक अम्ल ' शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है ।
(10) ' स्टिनायल ' रक्तविकार तथा नपुंसकता पैदा करता है ।

इसलिए चाय अथवा कॉफी कभी नहीं पीनी चाहिए और अगर पीना ही पड़े तो आयुर्वैदिक चाय अथवा काढ़ा ही पीना चाहिए ।

जानिए चाय व कॉफ़ी के विषय में देश व दुनिया के महान लोग क्या कहते थे -

* चाय वीर्य को पतला बना देती है ।-महात्मा नारायण स्वामी
* चाय ने हमारे हजारों स्त्री-पुरषों की भूख उड़ा दी है ।-महात्मा गाँधी
* चाय-कॉफी से बुद्धि का नाश होता है ।-स्वामी दयानंद सरस्वती
* चाय से अनिद्रा-रोग होता है, स्मरणशक्ति नष्ट होती है तथा मूत्राशय कमजोर हो जाता है ।-एडमंड शेफोटसबरी
* चाय पीने से थकावट मिटती नहीं अपितु बढ़ती है ।-डॉ. खिस कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय
* चाय से नासूर पैदा होता है ।-डॉ. हंसकेसर वोंशिन्ग्टन (अमेरिका)
* चाय पीने से पेट की गड़बड़ियाँ बढ़ रही हैं ।-डॉ. कार्तिकेय बोस
* चाय पीने से नेत्रों के नीचे कालापन और मानसिक उदासी छा जाती है ।-डॉ. जे डब्ल्यू. मार्टिन
* चाय के बाद पेशाब में यूरिक एसिड दुगना हो जाता हैं ।-प्रो. मेंडल
* बच्चों को चाय पिलाना शराब पिलाने से भी अधिक हानिकारक हैं।-डॉ. लीला क्लाइस्ट
* दिन में तीन कप चाय पीने से मासंपेशियों में खिंचाव, सनायुरोग, चिंता, भय, ह्रदयकम्प तथा मस्तिष्क के रोग हो जाते हैं।-डॉ. गिनमैन (अमेरिका)
* चाय-कॉफी से रक्तचाप बढ़ता है ।-मारिस फिशबेन
* चाय-कॉफी का अधिक सेवन करनेवालों को स्वप्नदोष आदि बिमारियाँ हो जाती हैं ।-हेरी मिलर
* चाय पीने से कब्ज होता है ।-डॉ. ब्लाड

खाली पेट चाय-कॉफी से धातुनाश होता है, कमर कमजोर होती है, गुर्दे और वीर्यग्रंथियों को नुकसान पहुँचता है तथा ओज क्षीण व वीर्य पतला हो जाता है । अगर वीर्य ही पतला हो गया, ओज ही क्षीण हो गया तो इससे बड़ा घाटा और क्या हो सकता है? अत: सावधान! अपने और दूसरों के स्वास्थ्य की रक्षा करें, चाय से खुद बचें व दूसरों को बचायें ।

इसलिए बल-बुद्धिनाशक चाय नहीं,आयुर्वेदिक चाय लें :--

आयुर्वेदिक चाय बनाने की विधि व इसके लाभ -आयुर्वेदिक चाय के लाभ: इस पेय के सेवन से शारीर में स्फूर्ति व मस्तिष्क में शक्ति आती है । पाचनक्रिया में सुधार होता है और भूख बढ़ती है | सर्दी, बलगम, खांसी, दमा, श्वास, कफजन्य ज्वर और न्युमोनिया जैसे रोग होने की सम्भावना कम हो जाती है |

सामग्री:
(1) गुलवनफ्सा 25 ग्राम
(2) छाया में सुखाये हुए तुलसी के पत्ते 25 ग्राम
(3) मुलेठी 25 ग्राम
(4) छोटी इलायची 10 ग्राम
(5) सोंफ 25 ग्राम
(6) ब्राह्मी के सूखे पत्ते 25 ग्राम
(7) दालचीनी 25 ग्राम
(8) काली मिर्च 10 ग्राम
(9) लौंग 10 ग्राम
(10) अर्जुन छाल 10 ग्राम

विधि: उपरोक्त प्रत्येक वस्तु को अलग-अलग कूटकर चूर्ण बना के मिश्रित करके रख लें । जब चाय-कॉफी पीने की आवश्यकता महसूस हो, तब मिश्रण में से 5-10 ग्राम चूर्ण लेकर गिलास पानी में उबालें । जब आधा पानी बाकी रहे तब नीचे उतारकर छान लें । उसमें दूध मिश्री मिलाकर धीरे-धीरे पियें ।
जनहित में इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें , व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक चाय और कॉफ़ी को त्याग कर आयुर्वेदिक चाय का प्रयोग करें !

लेखक: 
डॉ अभिषेक गुप्ता
कंसलटेंट आयुर्वेद फिजिशियन
ब्रह्म आयुर्वेद, भारत 

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